Zulfiqar Ali Bukhari's Photo'

ज़ुल्फ़िक़ार अली बुख़ारी

1904 - 1975

ज़ुल्फ़िक़ार अली बुख़ारी का परिचय

उपनाम : ''बुख़ारी''

मूल नाम : सय्यद ज़ुल्फ़िक़ार अली बुख़ारी

जन्म : 01 Jun 1904 | पेशावर, ख़ैबर पुख़्तुंख़ुवा

निधन : 12 Jul 1975 | कराची, सिंध

बेश-तर ख़ुदा पाया और बरमला पाया

हम ने तेरे बंदों को तुझ से भी सिवा पाया

ज़ुल्फ़िकार अली बुख़ारी जून 1904 को पेशावर में पैदा हुए. वह शायर होने के साथ एक अच्छे पत्रकार और मुसिक़ार थे. लाहौर और लंदन से पत्रकारिता की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद मुंबई रेडियो स्टेशन से सम्बद्ध हो गये. विभाजन के बाद पाकिस्तान चले गये और रेडियो पाकिस्तान के डायरेक्टर जेनरल के पद पर आसीन रहे. शायरी में हसरत मोहानी, अल्लामा इक़बाल, यगाना और वहशत कल्कत्वी से लाभ उठाया. 12 जुलाई 1975 को कराची में देहांत हुआ.
ज़ुल्फ़िकार अली बुख़ारी का काव्य संग्रह ‘मैंने जो कुछ भी कहा’ के नाम से प्रकाशित हुआ. उन्होंने ‘सरगुज़िश्त’ नाम से अपनी आपबीती भी लिखी जो अपने दिलचस्प अंदाज़े बयां की वजह से बहुत लोकप्रिय हुई.

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