गोया फ़क़ीर मोहम्मद
ग़ज़ल 22
अशआर 25
बिजली चमकी तो अब्र रोया
याद आ गई क्या हँसी किसी की
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
अपने सिवा नहीं है कोई अपना आश्ना
दरिया की तरह आप हैं अपने कनार में
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
न होगा कोई मुझ सा महव-ए-तसव्वुर
जिसे देखता हूँ समझता हूँ तू है
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
नहीं बचता है बीमार-ए-मोहब्बत
सुना है हम ने 'गोया' की ज़बानी
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
पुस्तकें 12
ऑडियो 6
किस क़दर मुझ को ना-तवानी है
खोल दी है ज़ुल्फ़ किस ने फूल से रुख़्सार पर
नज़ारा-ए-रुख़-ए-साक़ी से मुझ को मस्ती है
अन्य शायरों को पढ़िए
-
अब्दुल रहमान एहसान देहलवी
-
शाह नसीर
-
मिर्ज़ा जवाँ बख़्त जहाँदार
-
ज़ैनुल आब्दीन ख़ाँ आरिफ़
-
जोशिश अज़ीमाबादी
-
इंशा अल्लाह ख़ान इंशा
-
वलीउल्लाह मुहिब
-
सख़ी लख़नवी
-
ख़्वाज़ा मोहम्मद वज़ीर
-
मीर कल्लू अर्श
-
सय्यद मुनीर
-
सय्यद यूसुफ़ अली खाँ नाज़िम
-
ऐश देहलवी
-
मर्दान अली खां राना
-
सिराज लखनवी
-
साहिर लुधियानवी
-
इस्माइल मेरठी
-
मिर्ज़ा मोहम्मद तक़ी हवस
-
अहमद फ़राज़
-
यगाना चंगेज़ी