मुहम्मद शकील अख़्तर के शेर
रातों को पूछती है तलब मुझ से ये सवाल
क्यों हिज्र ने रखा मिरे घर को उजाड़ कर
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टैग : हिज्र
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इक बोसा सब्त करने का ए'लान कर दिया
होंटों का जिस ने रख दिया हुलिया बिगाड़ कर