सज्जाद ज़हीर के लेख
अमीर ख़ुसरो देहलवी और उनकी शायरी
मैं आज-कल दिल्ली के जिस हिस्से में रहता हूँ वह हौज खास कहलाता है, जो कुतुब मीनार से तक़रीबन दो-ढाई मील के फ़ासले पर है। यहाँ से तक़रीबन उतने ही फ़ासले पर हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया का भी मक़बरा है। अमीर खुसरो देहलवी का मज़ार भी ख्वाजा साहब के मज़ार की