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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

संत कबीर नगर के शायर और अदीब

कुल: 9

कबीर

1440 - 1518

मध्यकालीन भक्ति-साहित्य की निर्गुण धारा (ज्ञानाश्रयी शाखा) के अत्यंत महत्त्वपूर्ण और विद्रोही संत-कवि।

नुमायाँ शाइर, नाटककार और कई किताबों के लेखक

हमअस्र नौजवान शायरों में शामिल, ग़ज़ल में ख़ूबसूरत अंदाज़ में मुआसिर मसाइल का बयान, रिवायत से फ़ैज़याब

नई नस्ल के शाइरों में शामिल

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