aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
यह किताब इल्म-ए-तसव्वुफ़ (इस्लामी रहस्यवाद) के अहम मसाइल और मुबाहिस का ख़ज़ाना है जो हयात-ओ-कायनात की हक़ीक़त और वजूद-ए-वाजिब-ए-तआला को समझने में मुआवन है। यह सालिकान-ए-राह-ए-तरीक़त, जदीद फ़लसफ़ा, इल्म-ए-नफ़सियात और इल्म-ए-तबीयत के तलबा और आम मुसलमानों के तज़्किया-ए-नफ़्स और इरफ़ान-ए-इलाही के लिए यकसाँ मुफ़ीद है। इसका मक़सद मुब्तदीयों को फ़न-ए-मआरिफ़ के बुनियादी उसूलों से रोशनास कराना है ताकि वे इस इल्म में मज़ीद गहराई से क़दम रख सकें।