aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
पहचान: नातिया साहित्य के युवा शोधकर्ता और आलोचक, नात-गो शायर
डॉ. मुहम्मद हुसैन मुशाहिद रिज़वी का जन्म 1979 में मालेगाँव, महाराष्ट्र में हुआ। वे गद्य और पद्य दोनों विधाओं में लेखन करते हैं और उर्दू के प्रतिष्ठित नात-गो शायर, शोधकर्ता, आलोचक और साहित्यकार के रूप में परिचित हैं। विशेषतः नातिया साहित्य के क्षेत्र में उनका नाम समकालीन युवा शोधकर्ताओं में प्रमुखता से लिया जाता है। उन्होंने नातिया शायरी पर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की और इस विषय पर अपने शोध एवं आलोचनात्मक कार्यों के माध्यम से विद्वत् जगत में विशिष्ट स्थान बनाया।
बाल साहित्य के अतिरिक्त धार्मिक, सुधारात्मक, सामाजिक, शैक्षिक और साहित्यिक विषयों पर उनकी अनेक शोधपरक, आलोचनात्मक और विश्लेषणात्मक पुस्तकें एवं लेख प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी लेखनी में विद्वत्ता की गहराई, आलोचनात्मक दृष्टि और साहित्यिक गरिमा स्पष्ट दिखाई देती है।