Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

लेखक : हफ़ीज़ जौनपुरी

संस्करण संख्या : 001

प्रकाशक : मतबूआ मतबा हकीम बरहम, गोरखपुर

मूल : गोरखपुर, भारत

प्रकाशन वर्ष : 1912

भाषा : Urdu

श्रेणियाँ : शाइरी

उप श्रेणियां : दीवान

पृष्ठ : 267

सहयोगी : असलम महमूद

deewan-e-hafeez (khumkhana-e-dil)
For any query/comment related to this ebook, please contact us at haidar.ali@rekhta.org

पुस्तक: परिचय

سراج الملک محمد علی حفیظ جون پوری اپنے دور کے بڑے باکمال شاعراور اچھے نثر نگار تھے ۔وہ قدیم شعری روایات کے امین بھی تھے اور جدید کے خواستگار بھی۔انہیں اپنے شعری مقام و مرتبہ کا بھی احساس تھا۔اسی لیے ان کے فن میں غزل کی جملہ روایات کے احترام والتزام کے ساتھ تعلّی، خود پسندی اور کسی قدر انانیت بھی ہے۔زیر نظر کتاب ان کا دوسرا دیوان ہے ، اس دیوان کا نام "دیوان حفیظ" ہے جبکہ تاریخی نام "خمخانہ دل" ہے۔ اس دیوان میں ان کی غزلوں کے علاوہ قصائد ،رباعیات،مناجات،سلام، اور مسدس وغیرہ شامل ہیں۔

.....और पढ़िए

लेखक: परिचय

हफ़ीज़ जौनपुरी का वास्तविक नाम हफ़ीज़ मोहम्मद अली था। इन का जन्म जौनपुर में 1865 में हुआ। "ग़म गुसार" और "ख़ुम ख़ाना-ए-दिल" इन के काव्य संग्रह हैं। इन का निधन 1918 में हुआ।

.....और पढ़िए
For any query/comment related to this ebook, please contact us at haidar.ali@rekhta.org

लेखक की अन्य पुस्तकें

लेखक की अन्य पुस्तकें यहाँ पढ़ें।

पूरा देखिए

लोकप्रिय और ट्रेंडिंग

सबसे लोकप्रिय और ट्रेंडिंग उर्दू पुस्तकों का पता लगाएँ।

पूरा देखिए

Jashn-e-Rekhta | 8-9-10 December 2023 - Major Dhyan Chand National Stadium, Near India Gate - New Delhi

GET YOUR PASS
बोलिए