aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
यह किताब उलूल-अज़्म पैगंबरान-ए-इज़ाम की सवानहे हयात पर मुश्तमिल है। मुसन्निफ ने इस्लामी तालीमात के मुताबिक अंबिया-ए-किराम के मुताल्लिक अहम और मुफ़ीद तफ़सीलात को मुहक्किकाना अंदाज़ में पेश किया है।