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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

लेखक : नाैशाबा ख़ातून

संस्करण संख्या : 001

प्रकाशक : आज़म स्टीम प्रेस, हैदराबाद

प्रकाशन वर्ष : 1938

भाषा : Urdu

श्रेणियाँ : शाइरी, महिलाओं की रचनाएँ

उप श्रेणियां : कविता, काव्य संग्रह

पृष्ठ : 181

सहयोगी : जामिया हमदर्द, देहली

mauj-e-takhayyul
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लेखक: परिचय

नौशाबा, नौशाबा ख़ातून (1900)अमरोहा, मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) में जन्म। बचपन में ही हैदराबाद चली गईं और वहीं शिक्षा-दीक्षा हुई। उस्मानिया युनिवर्सिटी की पहली महिला ग्रेजुएट थीं। उर्दू के अलावा अरबी, फ़ारसी और अंग्रेज़ी की अच्छी महारत थी। दस साल की उम्र से शेर कहने लगीं। ग़ज़लें कम, नज़्में ज़ियादा लिखीं। आख़िरी उम्र में मानसिक संतुलन बिगड़गया था।

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