aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
साहित्य अकादेमी पुरस्कार विजेता हिंदी उपन्यास 'मिलजुल मन' प्रसिद्ध फिक्शन लेखिका श्रीमती मृदुला गर्ग का शाहकार उपन्यास है जो अपनी शैली, आकर्षक बयान, सहज संवाद, रचनात्मकता, नवीनता और जीवंत पात्रों के कारण अद्वितीय और विशिष्ट स्थान रखता है। मृदुला गर्ग ने एक अत्यंत नाजुक और करीबी रिश्ते और एक मजबूत कहानीकार के बीच जिस साफगोई और संवेदनशीलता से इस उपन्यास की बुनावट की है, वह न केवल बेहद दिलचस्प है बल्कि एक मानक गुणवत्ता का भी धारक है।