aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
यह नॉवेल सीरीज़ का एक शुमारा है जिसमें दो मुकम्मल नॉवेल शामिल हैं। पहला नॉवेल "तारिक़ जज़ीरा" एक सनसनीखेज़ मुहावी कहानी है जो बहामा के एक दूर दराज़ जज़ीरे पर रूनुमा होती है, जहां ख़ूबसूरती के साथ पुरअसरार ख़तरे भी मौजूद हैं। यह एक माहीगीरी के सफ़र के दौरान पेश आने वाले ख़तरनाक वाक़यात की दास्तान है। दूसरा नॉवेल "ख़ैबर के निगेहबान" ब्रितानवी राज के दौर में ख़ैबर के इलाक़े में क़बायली हलचल, अंग्रेज़ अफ़सरों के अगवा, बैंकों पर हमले और जासूसी के वाक़यात पर मबनी है। जबकि "डॉक्टर फ़ू मांचू लंदन में" मशहूर किरदार डॉक्टर फ़ू मांचू की पुरअसरार सरगर्मियों और इंतिक़ाम की कहानी पेश करता है। यह शुमारा सनसनी, मुहावी और जासूसी के अनासिर से भरपूर है।