लेखक : गोपी चंद नारंग

प्रकाशक : वक़ार-उल-हसन सिद्दीक़ी

प्रकाशन वर्ष : 2006

भाषा : Urdu

श्रेणियाँ : भाषा एवं साहित्य, भाषा विज्ञान

उप श्रेणियां : भाषा

पृष्ठ : 441

ISBN संख्यांक / ISSN संख्यांक : 81-87113-89-0

सहयोगी : गोपी चंद नारंग

urdu zaban aur lisaniyat

पुस्तक: परिचय

"اردو زبان اور لسانیات "گوپی چند نارنگ کے ان مضامین کامجموعہ ہے جو انھوں نے مختلف اوقات میں مختلف رسالوں اور سیمناروں کے لئے لکھے تھے۔ اس کتاب کے پانچ حصے ہیں جن میں پچیس مضامین ہیں۔ پہلے حصّے کے سات مضامین کا تعلق اُردو کی لسانی ساخت اور ہندی سے اسکے قریبی رشتے سے ہے۔ اس حصّے کا مضمون اُردو کے افعالِ مرکبہ خاص طور پر لائقِ توجہ ہے۔ کتاب کے دوسرے حصّے کا تعلق املا اور رسم الخط سے ہے۔ تیسرے حصّے میں احتشام حسین، دتاتریہ کیفی اور فرمان فتح پوری کی لسانی خدمات کا ذکر ہے۔ چوتھے حصّے میں کُل ہند اردو کانفرنسوں کےاحوال بیان کرنے کے ساتھ ساتھ دہلی کی کرخنداری بولی کا لسانی تجزیہ، کربل کتھا کی زبان اور ریاست بہار کے اس مستحسن اقدام پر اظہارِ خیال ہے جس میں اُردو کو دوسری ریاستی زبان کا درجہ دیا گیا ہے۔ کتاب کا آخری حصّہ خالص لسانیاتی اور تکنیکی موضوعات کےلیے وقف ہے جس میں پہلی بار اردو آوازوں کی مختصر ترین اِکائیوں کو صوتیات کے محدّب عدسوں تلے لا کے جانچااور پرکھا گیا ہے۔ اسطرح اردو آوازوں کے سپکٹروگرام بھی پہلی مرتبہ معرضِ وجود میں آئے ہیں۔ اس حصّے کے آخری دو مضامین میں اُردو کی ہائیہ اور ُغنّہ آوازوں پر بحث کی گئی ہے اور ڑ / ڑھ کی مخصوص اردو۔ ہندی آوازوں کو لیبارٹری کی میز پر رکھ کر ماہرِ صوتیات کی چِمٹی سے الٹ پلٹ کر دیکھا گیا ہے۔

.....और पढ़िए

लेखक: परिचय

गोपी चंद नारंग उर्दू के एक बड़े आलोचक,विचारक और भाषाविद हैं। एक अदीब, नक़्क़ाद, स्कालर और प्रोफ़ेसर के रूप में वो हिंदुस्तान और पाकिस्तान दोनों मुल्कों में समान रूप से लोकप्रिय हैं। गोपी चंद नारंग के नाम यह अनोखा रिकॉर्ड है कि उन्हें पाकिस्तान सरकार की तरफ़ से प्रसिद्ध नागरिक सम्मान सितारा ए इम्तियाज़ और भारत सरकार की ओर से पद्मभूषण और पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से नवाज़ा गया है। उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए उन्हें और भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया है। जिनमें इटली का मिज़ीनी गोल्ड मेडल, शिकागो का अमीर खुसरो अवार्ड, ग़ालिब अवार्ड, कैनेडियन एकेडमी ऑफ उर्दू लैंग्वेज एंड लिटरेचर अवार्ड और यूरोपीय उर्दू राइटर्स अवार्ड शामिल हैं। वह साहित्य अकादेमी के प्रतिष्ठित पुरस्कार से भी सम्मानित थे तथा साहित्य अकादेमी के फ़ेलो थे।
नारंग ने उर्दू के अलावा हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में भी किताबें लिखी हैं। उनकी गिनती उर्दू के प्रबल समर्थकों में की जाती है। वो इस हक़ीक़त पर अफ़सोस करते हैं कि उर्दू ज़बान सियासत का शिकार रही है। उनका मानना है कि उर्दू की जड़ें हिंदुस्तान में हैं और हिंदी दर असल उर्दू ज़बान की बहन है।

.....और पढ़िए

लेखक की अन्य पुस्तकें

लेखक की अन्य पुस्तकें यहाँ पढ़ें।

पूरा देखिए

पाठकों की पसंद

यदि आप अन्य पाठकों की पसंद में रुचि रखते हैं, तो रेख़्ता पाठकों की पसंदीदा उर्दू पुस्तकों की इस सूची को देखें।

पूरा देखिए

लोकप्रिय और ट्रेंडिंग

सबसे लोकप्रिय और ट्रेंडिंग उर्दू पुस्तकों का पता लगाएँ।

पूरा देखिए
बोलिए