मुझे गले से लगा लो बहुत उदास हूँ मैं

साहिर लुधियानवी

मुझे गले से लगा लो बहुत उदास हूँ मैं

साहिर लुधियानवी

MORE BYसाहिर लुधियानवी

    INTERESTING FACT

    During his relationship with Sudha Malhotra, Sahir wrote this song which was later sung by Sudha Malhotra herself.

    मुझे गले से लगा लो बहुत उदास हूँ मैं

    ग़म-ए-जहाँ से छुड़ा लो बहुत उदास हूँ मैं

    ये इंतिज़ार का दुख अब सहा नहीं जाता

    तड़प रही है मोहब्बत रहा नहीं जाता

    तुम अपने पास बला लो बहुत उदास हूँ मैं

    भटक चुकी हूँ बहुत ज़िंदगी की राहों में

    मुझे अब के छुपा लो तुम अपनी बाँहों में

    मिरा सवाल टालो बहुत उदास हूँ मैं

    हर इक साँस में मिलने की प्यास पलती है

    सुलग रहा है बदन और रूह जलती है

    बचा सको तो बचा लो बहुत उदास हूँ मैं

    स्रोत :
    • पुस्तक : Kulliyat-e-Sahir Ludhianvi (पृष्ठ 323)
    • रचनाकार : SAHIR LUDHIANVI
    • प्रकाशन : Farid Book Depot (Pvt.) Ltd

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi volutpat porttitor tortor, varius dignissim.

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY