मिठास बातों में तुम अपनी घोल कर देखो

सईद रहमानी

मिठास बातों में तुम अपनी घोल कर देखो

सईद रहमानी

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    मिठास बातों में तुम अपनी घोल कर देखो

    किसी से प्यार के दो लफ़्ज़ बोल कर देखो

    मिलेगी ताज़ा हवाओं की ख़ुश-गवार महक

    दरीचे अपने मकानों के खोल कर देखो

    हो गुफ़्तुगू का इरादा तो ये ज़रूरी है

    तुम अपनी बातों को पहले ही तोल कर देखो

    जो करना चाहो बयाँ दूसरों का ऐब कभी

    तो अपने दिल को ज़रा सा टटोल कर देखो

    हज़ारों उलझनें सहना पड़ेंगी तुम को 'सईद'

    किसी से दुश्मनी इक बार मोल कर देखो

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