परखना मत परखने में कोई अपना नहीं रहता

बशीर बद्र

परखना मत परखने में कोई अपना नहीं रहता

बशीर बद्र

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    परखना मत परखने में कोई अपना नहीं रहता

    किसी भी आइने में देर तक चेहरा नहीं रहता

    बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना

    जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता

    हज़ारों शेर मेरे सो गए काग़ज़ की क़ब्रों में

    अजब माँ हूँ कोई बच्चा मिरा ज़िंदा नहीं रहता

    मोहब्बत एक ख़ुशबू है हमेशा साथ चलती है

    कोई इंसान तन्हाई में भी तन्हा नहीं रहता

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    जगजीत सिंह

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    ज़फ़र इक़बाल

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    परखना मत परखने में कोई अपना नहीं रहता ज़फ़र इक़बाल

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