ग़ज़लें

1866 -1955

अरबी, फ़ारसी और संस्कृत के प्रमुख स्कालर

1921 -1989

तसव्वुफ़ और धार्मिक सहिष्णुता की भावना से समर्पित शायरी के लिए जाने जाते हैं. महत्वपूर्ण मज़हबी और रूहानी व्यक्तियों पर नज़्में लिखीं

1958

लोकप्रिय शाइर, गीतकार, फ़िल्म पिंजर के गीत 'चरखा चलाती माँ' के लिए मशहूर।

1933 -1975

बीसवीं सदी के नामचीन हिंदी शायर और कथाकार, अपनी लोकप्रिय नज़्मों के साथ हिंदी में ग़ज़ल लेखन के लिए पहचाने जाते हैं

-1744

सिराज औरंगाबादी के प्रमुख समकालीन और प्रतिद्वंद्वी

1932 -1963

प्रगतिवादी विचारधारा से प्रभावित शायर, कम उम्री में आत्महत्या की

1962

समकालीन कहानीकारों में शामिल

1831 -1905

उर्दू के सबसे लोकप्रिय शायरों में शामिल। शायरी में चुस्ती , शोख़ी और मुहावरों के इस्तेमाल के लिए प्रसिद्ध

1980

पाकिस्तान के नामचीन नौजवान शायर, कम उम्र में एक जानलेवा बीमारी से देहांत हुआ

गुलबर्गा के अहम शायरों में शामिल, उर्दू की तरक्क़ी के लिए कोशिश करते रहे

1929

टोंक के प्रसिद्ध शायर, अपने नातिया कलाम के लिए भी पहचाने जाते हैं

1875 -1959

प्रसिद्ध शायर, अमीर मीनाई के शागिर्द. ‘दर्द-ए-दिल’ नामक उपन्यास भी लिखा

भोपाल के शायर. ‘गुमनाम गोशे’ और ‘भोपाल में ग़ज़ल’ नाम से दो काव्य संचयन भी सम्पादित किये