ग़ज़लें

1868 -1927

स्वतंत्रता आन्दोलन के एक अग्रणी नेता। जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली के संस्थापकों में शामिल

1778 -1847

मिर्ज़ा ग़ालिब के समकालीन, 19वीं सदी की उर्दू ग़ज़ल का रौशन सितारा।

1953

पाकिस्तान मूल के कहानीकार, लेखक और पत्रकार।

1900 -1982

लोकप्रिय रूमानी शायर , मलिका पुखराज ने उनकी नज़्म ' अभी तो मैं जवान हूँ ' , को गा कर प्रसिध्दि दी। पाकिस्तान का राष्ट्रगान लिखा।

1865 -1918

अपने शेर 'बैठ जाता हूँ जहाँ छाँव घनी होती है' के लिए मशहूर।

1922 -2000

लोकप्रिय शायर, अपने शेर 'शीशा टूटे ग़ुल मच जाए…' के लिए मशहूर।

1912 -1973

अपनी ग़ज़ल ' मोहब्बत करने वाले कम होंगे ' के लिए प्रसिध्द जिसे कई गायकों ने गाया है।

1928 -1993

लोकप्रिय और क्रांतिकारी पाकिस्तानी शायर , राजनैतिक दमन के विरोध के लिए प्रसिद्ध