ग़ज़लें

1998 -2022

उर्दू नज़्म के आशाजनक उर्दू शायर जिन्होंने 24 वर्ष की आयु में आत्महत्या कर ली।

1817 -1852

अहम क्लासिकी शायर, ग़ालिब की बीवी के भांजे, जिन्हें ग़ालिब ने अपने सात बच्चों के असमय निधन के बाद बेटा बना लिया था. ग़ालिब आरिफ़ की शायरी के प्रशंसकों में भी शामिल थे

1873 -1956

शायर, संपादक, आज़ादी के संघर्ष में हिस्सा लेने वाले एक सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता

1933

प्रमुखतम आधुनिक शायरों में विख्यात/नई दिशा देने वाले शायर

1935 -2017

अग्रणी प्रगतिशील शायर।

Jashn-e-Rekhta | 2-3-4 December 2022 - Major Dhyan Chand National Stadium, Near India Gate, New Delhi

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