ग़ज़लें

अहम क्लासिकी शायर, ग़ालिब की बीवी के भांजे, जिन्हें ग़ालिब ने अपने सात बच्चों के असमय निधन के बाद बेटा बना लिया था. ग़ालिब आरिफ़ की शायरी के प्रशंसकों में भी शामिल थे

1817

प्रमुखतम आधुनिक शायरों में विख्यात/नई दिशा देने वाले शायर

1933

अग्रणी प्रगतिशील शायर।

1935 -2017

भारत में अग्रणी आधुनिक शायरों में विख्यात।

1928 -1985

प्रमुखतम आधुनिक शायरों में विख्यात/अपनी साहित्यिक पत्रिका ‘ज़ह्न-ए-जदीद’ के लिए प्रसिद्ध

1935 -2016