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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

नस्री-नज़्में

1927 -2017

प्रसिद्ध शायर और लेखक,गहरे सामाजिक चेतना के साथ नज़्में और ग़ज़लें कहीं, पाकिस्तान से प्रकाशित महत्वपूर्ण साहित्यिक पत्रिका ‘क़ौमी ज़बान’ के सम्पादक रहे

1946

पाकिस्तान के अग्रणी शायरों में से एक, अपनी तहदार शायरी के लिए विख्यात।

1944 -2023

मशहूर शायर और पाकिस्तानी टीवी सीरियलों के प्रसिद्ध लेखक

1932

पाकिस्तान के प्रख्यात कथाकार, लेखक, विचारक और शायर

1923 -2004

प्रसिद्ध विचारक, लेखक और आलोचक

1990

हमअस्र नौजवान शायरों में शामिल, ग़ज़ल में ख़ूबसूरत अंदाज़ में मुआसिर मसाइल का बयान, रिवायत से फ़ैज़याब

1993

नई नस्ल के नुमाइंदा शाइर, नौजवानों में मक़बूल, ग़ज़ल की शायरी की एक मुनफ़रिद आवाज़

1935 -1992

प्रतिष्ठित आधुनिक शायर, पत्रिका "सुतूर" के संपादक

1925 -2008

अपनी ग़ज़ल 'गो ज़रा सी बात पर बरसों के याराने गए' के लिए विख्यात, जिसे कई गायकों ने गाया है।

1961 -2008

प्रमुख उत्तर-आधुनिक शायर/अपनी नज़्मों के लिए मशहूर

उत्कृष्ट शायर, वैज्ञानिक, सामाजिक कार्यकर्ता और उत्तरी अमेरिका में उर्दू साहित्य के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

1952 -1994

उर्दू की सबसे लोकप्रिय शायरात में शामिल। स्त्रियों की भावनाओं को आवाज़ देने के लिए मशहूर

शायर, साहित्यकार, शोधकर्ता, समालोचक और शिक्षक

समकालीन उर्दू शायर, सीएल एजुकेट के संस्थापक,उर्दू भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए अग्रसर

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