Aale Ahmad Suroor's Photo'

आल-ए-अहमद सूरूर

1911 - 2002 | अलीगढ़, भारत

आधुनिक उर्दू आलोचना के संस्थापकों में शामिल हैं।

आधुनिक उर्दू आलोचना के संस्थापकों में शामिल हैं।

ग़ज़ल

आज से पहले तिरे मस्तों की ये ख़्वारी न थी

नोमान शौक़

कुछ लोग तग़य्युर से अभी काँप रहे हैं

नोमान शौक़

ख़ुदा-परस्त मिले और न बुत-परस्त मिले

नोमान शौक़

ख़ुश्क खेती है मगर उस को हरी कहते हैं

नोमान शौक़

जब कभी बात किसी की भी बुरी लगती है

नोमान शौक़

दास्तान-ए-शौक़ कितनी बार दोहराई गई

नोमान शौक़

यूँ जो उफ़्ताद पड़े हम पे वो सह जाते हैं

नोमान शौक़

वो जिएँ क्या जिन्हें जीने का हुनर भी न मिला

नोमान शौक़

सफ़र तवील सही हासिल-ए-सफ़र क्या था

नोमान शौक़

हम न इस टोली में थे यारो न उस टोली में थे

नोमान शौक़

हमारे हाथ में जब कोई जाम आया है

नोमान शौक़

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI