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ए.डी.राही

क्यूँ रातों का जागिए कर के उस को याद

पत्थर दिल पर कब असर करती है फ़रियाद

अच्छा है कि लगा नहीं उन्हें प्यार का रोग

आते आते आएँगे राह पे अगले लोग

बर्फ़ीली चट्टान पर पेड़ खड़ा मुस्काए

सारा मौसम सर्द है जिस्म आग बरसाए

पायल कभी खोल दे साजन दिल का राज़

दूर दूर तक जाएगी घुंघरू की आवाज़

सूने सब रस्ते पड़े हुए थकन से चूर

'राही' कौन बताएगा मंज़िल कितनी दूर