ग़ज़ल 15

शेर 2

अगर ये कह दो बग़ैर मेरे नहीं गुज़ारा तो मैं तुम्हारा

या उस पे मब्नी कोई तअस्सुर कोई इशारा तो मैं तुम्हारा

अब उस ग़रीब चोर को भेजोगे जेल क्यूँ

ग़ुर्बत की जिस ने काट ली पादाश जेब में

 

वीडियो 10

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वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
अगर ये कह दो बग़ैर मेरे नहीं गुज़ारा तो मैं तुम्हारा

आमिर अमीर

ज़रूर उस की नज़र मुझ पे ही गड़ी हुई है

आमिर अमीर

तुझ को अपना के भी अपना नहीं होने देना

आमिर अमीर

तस्वीर तेरी यूँ ही रहे काश जेब में

आमिर अमीर

न ग़ौर से देख मेरे दिल का कबाड़ ऐसे

आमिर अमीर

मिरी दीवानगी ख़ुद साख़्ता नईं

आमिर अमीर

ये लाल डिबिया में जो पड़ी है वो मुँह दिखाई पड़ी रहेगी

आमिर अमीर

वो भी अब याद करें किस को मनाने निकले

आमिर अमीर

वो रूठी रूठी ये कह रही थी क़रीब आओ मुझे मनाओ

आमिर अमीर

हुस्न तेरा ग़ुरूर मेरा था

आमिर अमीर

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