Anjum Khayali's Photo'

अंजुम ख़याली

1936 - 1997 | इंग्लैंड

ग़ज़ल 12

शेर 15

कोई तोहमत हो मिरे नाम चली आती है

जैसे बाज़ार में हर घर से गली आती है

मिरे मज़ार पे कर दिए जलाएगा

वो मेरे ब'अद मिरी ज़िंदगी में आएगा

बाज़ वादे किए नहीं जाते

फिर भी उन को निभाया जाता है