अब्र लखनवी, पंडित बिशन नारायन दर (1864-1916)बराबंकी में पैदा हुए मगर बा’द में लखनऊ आ गए। बचपन में उर्दू, फ़ारसी पढ़ी, फिर अंग्रेज़ी ता’लीम हासिल की और लंदन गए जहाँ से बैरिस्टर बन कर लौटे। सियासत में भी सरगर्म रहे और कांग्रेस के अध्यक्ष भी चुने गए। शाइ’री में ख़्वाजा ‘आतिश’ की पैरवी करते थे।