ग़ज़ल 25

दोहा 4

आए मुट्ठी बंद लिए चल दिए हाथ पसार

वो क्या था जो लुट गया देखो सोच-विचार

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जब तक उस से दूर थी मेरे थे सौ रंग

उस के रंग में रंग गई जब लागी पी संग

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कैसे पानी में लिखूँ यहाँ कुशल सब भाँत

जब से बिछड़ी आप से बिछड़ गए सुख शांत

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बच्चों की कहानी 1

 

पुस्तकें 11

Adab Ki Parakh

 

1983

बाज़ गश्त

 

1975

Band Darwaza

 

1980

Dard Ka Rishta

 

1987

Gham-e-Farda

 

1976

Ittifaq

 

1987

Kasturi Dundal Base

 

1996

Khushboo Ka Safar

 

1979

Nanhe Hathon Ka Lams

 

1980

Pattharon Ka Shahr

 

1986

"पंचकुला" के और शायर

  • टी एन राज़ टी एन राज़
  • शम्स तबरेज़ी शम्स तबरेज़ी
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