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फ़िदवी लाहौरी

1729 - 1780 | लाहौर, पाकिस्तान

फ़िदवी लाहौरी के शेर

चल साथ कि हसरत दिल-ए-मरहूम से निकले

आशिक़ का जनाज़ा है ज़रा धूम से निकले