हरीश कुमार के शेर
हाल यूँ हस्ब-ए-रिवायत पूछने से पेशतर
दिल के टुकड़ों की खनक फीकी हँसी में ढूँढिए
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere