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हिज्र नाज़िम अली ख़ान

1880 - 1914 | रामपुर, भारत

दाग़ देहलवी के शागिर्द। कम उम्र में देहांत हुआ

दाग़ देहलवी के शागिर्द। कम उम्र में देहांत हुआ

ग़ज़ल

तुम भी निगाह में हो अदू भी नज़र में है

फ़सीह अकमल

वो शोख़ बाम पे जब बे-नक़ाब आएगा

फ़सीह अकमल

शब-ए-फ़िराक़ कुछ ऐसा ख़याल-ए-यार रहा

फ़सीह अकमल

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI