कलीम जाज़िल के शेर
किसी से कुछ नहीं कहता है अपने दिल की बात
भटक रहा है वो होंटों पे ख़ामुशी ले कर
-
टैग : ख़ामोशी
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
ज़माना देखने लगता है शक की नज़रों से
कोई निकलता नहीं लब पे अब हँसी ले कर
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड