Khwaja Mohammad Wazir's Photo'

ख़्वाज़ा मोहम्मद वज़ीर

1795 - 1854 | लखनऊ, भारत

19 वीं सदी के शायर, अपने शेर " तिरछी नज़रों से न देखो आशिक़-ए-दिलगीर को " के लिए मशहूर

19 वीं सदी के शायर, अपने शेर " तिरछी नज़रों से न देखो आशिक़-ए-दिलगीर को " के लिए मशहूर

ख़्वाज़ा मोहम्मद वज़ीर की किताबें2

दफ्तर-ए-फ़साहत

1847

Mazhar-e-Ishq

1896

ख़्वाज़ा मोहम्मद वज़ीर पर किताबें1

Intikhab Khvaja Wazir

1983