झारखंड (भारत) से संबंध रखने वाले मक़बूल मंज़र एक विशिष्ट अभिव्यक्ति शैली वाले उर्दू कवि हैं, जिनकी कविता में समकालीन संवेदना, सांस्कृतिक चेतना और आंतरिक अनुभूतियों की गहरी झलक मिलती है। वे नई पीढ़ी के प्रतिनिधि कवियों में गिने जाते हैं और उर्दू मुशायरों व साहित्यिक मंचों पर सक्रिय और चर्चित नाम हैं।