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मोहम्मद हमीदुल्लाह

1908 - 2002 | फ़्रान्स

20वीं सदी के प्रतिष्ठित इस्लामी विद्वान

20वीं सदी के प्रतिष्ठित इस्लामी विद्वान

मोहम्मद हमीदुल्लाह का परिचय

मूल नाम : मोहम्मद हमीदुल्लाह

जन्म : 19 Feb 1908 | हैदराबाद, तिलंगाना

निधन : 17 Dec 2002 | संयुक्त राज्य अमेरिका

पहचान: मुहद्दिस, शोधकर्ता, अंतरराष्ट्रीय कानून के विशेषज्ञ और बीसवीं सदी के प्रतिष्ठित इस्लामी विद्वान

डॉ. मुहम्मद हमीदुल्लाह का जन्म 19 फ़रवरी 1908 को हैदराबाद दक्कन के एक विद्वतापूर्ण और धार्मिक परिवार में हुआ। उनके पिता मुफ़्ती अबू मुहम्मद ख़लीलुल्लाह प्रसिद्ध फ़क़ीह, विधिवेत्ता और हैदराबाद रियासत के उच्च अधिकारी थे। उनके पूर्वजों में अनेक प्रतिष्ठित इस्लामी विद्वान और क़ुरआन के व्याख्याकार हुए, जिन्होंने इस्लामी ज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।

उन्होंने मदरसा निज़ामिया से मौलवी कामिल की उपाधि विशिष्ट योग्यता के साथ प्राप्त की। इसके बाद उस्मानिया विश्वविद्यालय से बी.ए., एल.एल.बी. तथा अंतरराष्ट्रीय कानून में एम.ए. किया। उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी गए और 1932 में बॉन विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। बाद में फ़्रांस के सोरबोन विश्वविद्यालय से डी.लिट. की उपाधि अर्जित की। 1936 से 1946 तक उस्मानिया विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय कानून के प्राध्यापक रहे।

1948 में निज़ाम-ए-हैदराबाद ने उन्हें संयुक्त राष्ट्र में हैदराबाद रियासत का प्रतिनिधि नियुक्त किया। हैदराबाद के भारतीय संघ में विलय के बाद वे फ़्रांस में बस गए। फ़्रांसीसी सरकार ने उन्हें हैदराबाद के शरणार्थी के रूप में संरक्षण प्रदान किया। 1954 से 1978 तक वे फ़्रांस के राष्ट्रीय वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (CNRS) से संबद्ध रहे। इस दौरान उन्होंने तुर्की के विभिन्न विश्वविद्यालयों में भी अध्यापन और शोध कार्य किया।

डॉ. मुहम्मद हमीदुल्लाह का नाम बीसवीं सदी के महान इस्लामी शोधकर्ताओं में लिया जाता है। हदीस, सीरत, इस्लामी इतिहास, इस्लामी कानून और संस्कृति पर उनकी दर्जनों पुस्तकें और सैकड़ों शोध लेख प्रकाशित हुए। उन्होंने क़ुरआन का अनेक भाषाओं में अनुवाद किया और पैग़म्बर मुहम्मद के जीवन पर उनकी रचनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सम्मान प्राप्त हुआ। उनकी प्रमुख कृतियों में “ख़ुत्बात-ए-बहावलपुर”, “रसूल-ए-अकरम की राजनीतिक जीवन-यात्रा”, “मुस्लिम शासन व्यवस्था” और “अह्द-ए-नबवी के समझौते” शामिल हैं।

इस्लामी अध्ययन के क्षेत्र में उनकी सेवाओं के सम्मान में पाकिस्तान सरकार ने 1985 में उन्हें हिलाल-ए-इम्तियाज़ से सम्मानित किया। पुरस्कार की राशि उन्होंने इस्लामाबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय इस्लामी विश्वविद्यालय के इस्लामी अनुसंधान संस्थान को दान कर दी।

निधन: डॉ. मुहम्मद हमीदुल्लाह का निधन 17 दिसंबर 2002 को संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ।

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