नियाज़ हैदर के ऑडियो

ग़ज़ल

दिल के वीराने को महफ़िल की तरफ़ ले चलिए

नोमान शौक़

धूप ऐसी तेज़ धूप गर्म है फ़ज़ा बहुत

नोमान शौक़

लब-ए-गुल की हँसी देगी न तुम को रौशनी अपनी

नोमान शौक़

वीराने बाग़ बाग़ हैं मेरी निगाह से

नोमान शौक़

हम नग़्मा-सराई कैसे करें बेदाद-गरों की महफ़िल में

नोमान शौक़

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI