रियाज़ साग़र के शेर
उसी को सौंप दी हम ने हिफ़ाज़त अपने ख़ेमों की
वो आदम-ख़ोर जो लाशों का ब्योपारी रहा बरसों
-
टैग : ज़ुल्म
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड