noImage

सज्जाद शम्सी

1914 | लंदन, यूनाइटेड किंगडम

प्रख्यात फिक्शन लेखक, उपन्यासकार एवम उपमहाद्वीप की तरक़्क़ी पसंद आंदोलन के रहनुमाओं में से एक

प्रख्यात फिक्शन लेखक, उपन्यासकार एवम उपमहाद्वीप की तरक़्क़ी पसंद आंदोलन के रहनुमाओं में से एक

ग़ज़ल 2

 

शेर 2

हैं क़हक़हे किसी के किसी की हैं सिसकियाँ

शामिल रहा ख़ुशी में किसी बेबसी का शोर

ये कैसा हादसा गुज़रा ये कैसा सानेहा बीता

आँगन है छत बाक़ी हैं दीवार-ओ-दर बाक़ी

 

चित्र शायरी 1

दुआओं में असर बाक़ी न आहों में असर बाक़ी है कुछ ले दे के गर बाक़ी तो है इक चश्म-ए-तर बाक़ी ये कैसा हादसा गुज़रा ये कैसा सानेहा बीता न आँगन है न छत बाक़ी न हैं दीवार-ओ-दर बाक़ी चमन वालों की बद-ज़ौक़ी पे कलियाँ जान खोती हैं न हैं अहल-ए-नज़र बाक़ी न कोई दीदा-वर बाक़ी पता क्या पूछते हैं आप हम सहरा-नवर्दों से न अपना शहर है बाक़ी मोहल्ला है न घर बाक़ी फ़ज़ाएँ चुप हवाएँ चुप सदाएँ चुप निदाएँ चुप नवा-ए-नीम-शब बाक़ी न है बाँग-ए-सहर बाक़ी ख़ुदा जाने निज़ाम-ए-मय-कदा को क्या हुआ 'शमसी' न वो हुस्न-ए-अता बाक़ी न वो लुत्फ़-ए-नज़र बाक़ी

 

"लंदन" के और शायर

  • शबाना यूसुफ़ शबाना यूसुफ़
  • एस ए मेहदी एस ए मेहदी
  • यावर अब्बास यावर अब्बास
  • परवीन मिर्ज़ा परवीन मिर्ज़ा
  • सय्यद जमील मदनी सय्यद जमील मदनी
  • शाहीन सिद्दीक़ी शाहीन सिद्दीक़ी
  • हबीब हैदराबादी हबीब हैदराबादी
  • जौहर ज़ाहिरी जौहर ज़ाहिरी
  • अज़हर लखनवी अज़हर लखनवी
  • सय्यद अहसन जावेद सय्यद अहसन जावेद