Shamim Karhani's Photo'

शमीम करहानी

1913 - 1975 | करहान, भारत

प्रसिद्ध राष्ट्रवादी एवं तरक़्क़ी-पसंद शाइर

प्रसिद्ध राष्ट्रवादी एवं तरक़्क़ी-पसंद शाइर

ग़ज़ल

कौन है दर्द-आश्ना संग-दिली का दौर है

नोमान शौक़

ग़म दो आलम का जो मिलता है तो ग़म होता है

नोमान शौक़

जश्न-ए-हयात हो चुका जश्न-ए-ममात और है

नोमान शौक़

ज़हर को मय दिल-ए-सद-पारा को मीना न कहो

नोमान शौक़

दर्द-शनास दिल नहीं जल्वा-तलब नज़र नहीं

नोमान शौक़

निकल पड़े हैं सनम रात के शिवाले से

नोमान शौक़

पी कर भी तबीअत में तल्ख़ी है गिरानी है

नोमान शौक़

पी ले जो लहू दिल का वो इश्क़ की मस्ती है

नोमान शौक़

वहाँ खुले भी तो क्यूँकर बिसात-ए-हिकमत-ओ-फ़न

नोमान शौक़

सहर को दे के नई निकहत-ए-हयात गई

नोमान शौक़

हुजूम-ए-दर्द में ख़ंदाँ है कौन मेरे सिवा

नोमान शौक़

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI