Shamim Qasmi's Photo'

शमीम क़ासमी

1954 | सासाराम, भारत

ग़ज़ल

किसी ट्रेन के नीचे वो कट गया होता

शमीम क़ासमी

फ़ज़ा-ए-नम में सदाओं का शोर हो जाए

शमीम क़ासमी

ये और बात कि गमले में उग रहा हूँ मैं

शमीम क़ासमी

सब से पहले तो अर्ज़ मतला है

शमीम क़ासमी

सय्याल तसव्वुर है उबलने की तरह का

शमीम क़ासमी

हम-मर्तबा न समझो रुत्बा मिरा तो जानो

शमीम क़ासमी

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI