शिव नारायण आराम
ग़ज़ल 1
अशआर 1
ग़ज़ब है मुद्दई जो हो वही फिर मुद्दआ' ठहरे
जो अपना दुश्मन-ए-दिल हो वही दिल की दवा ठहरे
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
अन्य शायरों को पढ़िए
-
जोश मलीहाबादी
-
फ़ानी बदायुनी
-
एहसान दानिश कांधलवी
-
मुनीर भोपाली
-
असद अली ख़ान क़लक़
-
मोहम्मद दाऊद मोहसिन
-
अख़्तर अली अख़्तर
-
मुज़्तर आज़मी
-
अमीर मीनाई
-
चंद्रभान कैफ़ी देहल्वी
-
इंशा अल्लाह ख़ान इंशा
-
अल्ताफ़ हुसैन हाली
-
शानुल हक़ हक़्क़ी
-
मीर ताहिर अली रिज़वी
-
बलराज हैरत
-
शकील बदायूनी
-
नसीम देहलवी
-
रज़ी अख़्तर शौक़
-
हैरत बिन वाहिद
-
हैरत इलाहाबादी