सय्यद मोहम्मद काज़िम का परिचय
हबीब कन्तूरी, सय्यद मोहम्मद काज़िम (1851-1906) ‘इ’श्क़’ लखनवी के शागिर्द थे और इस लिहाज़ से मीर ‘अनीस’ के घराने की रिवायत उन तक पहुँची थी। उन की शाइ’री उस लफ़्ज़ी दाव पेंच और खिलवाड़ से पाक है जो उन्नीसवीं की आख़िरी दशकों में लखनवी शाइ’री की पहचान बन गई थी। 1857 के बा’द उन का ख़ानदान तबाह हुआ तो इधर उधर भटकते हुए हैदराबाद पहुँचे जहाँ सुकून नसीब हुआ। ख़त्ताती के माहिर थे।