Wajid Ali Shah Akhtar's Photo'

वाजिद अली शाह अख़्तर

1823 - 1887 | लखनऊ, भारत

अवध के आखि़री नवाब/भारतीय संगीत, नृत्य, नाटक के संरक्षक

अवध के आखि़री नवाब/भारतीय संगीत, नृत्य, नाटक के संरक्षक

वाजिद अली शाह अख़्तर के ऑडियो

ग़ज़ल

उल्फ़त ने तिरी हम को तो रक्खा न कहीं का

नोमान शौक़

ग़ुंचा-ए-दिल खिले जो चाहो तुम

नोमान शौक़

गर्मियाँ शोख़ियाँ किस शान से हम देखते हैं

नोमान शौक़

याद में अपने यार-ए-जानी की

नोमान शौक़

सुना है कूच तो उन का पर इस को क्या कहिए

नोमान शौक़

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI