Yazdani Jalandhari's Photo'

यज़दानी जालंधरी

1915 - 1990 | लाहौर, पाकिस्तान

इज्ज़ के साथ चले आए हैं हम 'यज़्दानी'

कोई और उन को मना लेने का ढब याद नहीं

मिला है तपता सहरा देखने को

चले थे घर से दरिया देखने को

बज़्म-ए-वफ़ा सजी तो अजब सिलसिले हुए

शिकवे हुए उन से हम से गिले हुए

शम्अ होगी सुब्ह तक बाक़ी परवाने की ख़ाक

अहल-ए-महफ़िल की ज़बाँ पर दास्ताँ रह जाएगी

ज़िंदगी कोह-ए-बे-सुतूँ गोया

हर नफ़स एक तेशा-ए-फ़र्हाद