बादलों ने आज बरसाया लहू

अम्न का हर फ़ाख़्ता रोने लगा

जाने किस किरदार की काई मेरे घर में पहुँची

अब तो 'ज़फ़र' चलना है मुश्किल आँगन की चिकनाई में