Zafar Khan Niyazi's Photo'

ज़फ़र ख़ान नियाज़ी

1946 | पाकिस्तान

ग़ज़ल 2

 

शेर 2

बस इक तुम ही नहीं मंज़र में वर्ना क्या नहीं है

सुराही चाँद तारे तितलियाँ जुगनू परिंदे

किताब-ए-ज़िंदगी की ये मुक़द्दस आयतें हैं

हिरन चीतल चिकारे तितलियाँ जुगनू परिंदे