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Zohaib Azmi's Photo'

ज़ोहेब आज़मी

1999 | दिल्ली, भारत

नई नस्ल के शाइरों में शुमार

नई नस्ल के शाइरों में शुमार

ज़ोहेब आज़मी का परिचय

ज़ोहेब आज़मी का तअल्लुक़ आज़मगढ़ से है। उनकी पैदाइश मई 1998 में हुई। उन्होंने अपनी इब्तिदाई तालीम ज्योति निकेतन स्कूल, आई.सी.एस.ई. बोर्ड, आज़मगढ़ से हासिल की, जबकि बी.टेक. अल-फ़लाह यूनिवर्सिटी, फ़रीदाबाद और एम.टेक. नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, नोएडा से मुकम्मल किया।
ज़ोहेब आज़मी एक पेशावर सॉफ़्टवेयर इंजीनियर हैं, मगर उर्दू अदब और शाइरी से उनकी गहरी वाबस्तगी है। उनके वालिद, मोहम्मद ताहिर, शिबली नेशनल कॉलेज, आज़मगढ़ में उर्दू शोबे के सद्र हैं, जिसके बाइस ज़ोहेब का अदबी ज़ौक़ इब्तिदा ही से निखरता रहा। उन्होंने 22 साल की उम्र में उर्दू शाइरी का आग़ाज़ किया। उनकी तख़लीक़ात में अल्लामा इक़बाल और मिर्ज़ा ग़ालिब के असरात नुमायाँ हैं, जिनके मुताले ने उनकी फ़िक्री और शेरी सफ़र को जिला बख़्शी।
उनकी शाइरी उर्दू ज़बान की लताफ़त, हुस्न और गहराई को मुन्फ़रिद अंदाज़ में पेश करती है और उनके अशआर अहल-ए-ज़ौक़ में तेज़ी से मक़बूल हो रहे हैं।

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