Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

ज़ुबैर ख़याली

ग़ज़ल 7

अशआर 4

'अजब हालत हुई अपनी गँवा कर एक शय को

उसे ढूँडा वहाँ पर भी जहाँ रक्खा नहीं था

  • शेयर कीजिए

इंतिहा के क़रीब है दुनिया

आदमी आख़िरी सदी का हूँ

  • शेयर कीजिए

गर्द-आलूद हैं किताबें सब

मर रही है असास कमरे में

  • शेयर कीजिए

फ़न पे चाहे 'उबूर हो हासिल

एक ख़ामी हुनर में रहती है

  • शेयर कीजिए

Recitation

बोलिए