aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
| Author: | Farhat Ehsas |
| Language: | Hindi |
| Publisher: | Rekhta Publications |
| Binding: | Paperback (124 pg) |
| Year: | 2020 (1st Edition) |
Also available on
अब तक, उर्दू शाइ'री की दुनिया पर चन्द मश्हूर शाइ'रों का ही क़ब्ज़ा रहा है। उन्हीं की ग़ज़लें बार बार छापी और गाई जाती रही हैं। प्रस्तुत है मश्हूर शाइ'रों के साथ साथ, ऐसे कम−मश्हूर या गुमनाम शाइ'रों की ऐसी आ'ला−दर्जे की ग़ज़लें जो अपनी भाव−भावना दृष्टि और अपने लफ़्जों की दिलकशी से आपके दिल−दिमाग़ पर अपनी छाप छोड़े बग़ैर नहीं रहेंगी।