aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
| Author: | Farhat Ehsas |
| Language: | Hindi |
| Publisher: | Rekhta Publications |
| Year: | 2025 |
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‘मुझ को मेरी याद आ रही है : फरहत एहसास’ इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि इसमें 1973 से 2023 तक का उनका काव्य-संग्रह शामिल है। इसमें ग़ज़लें और कविताएँ सम्मिलित हैं, जिनमें जीवन की विषमताएँ, मानव मनोविज्ञान, भावनाएँ, व्यक्तिगत पीड़ा, सामाजिक विचलन, सामाजिक परिवर्तनों के साथ-साथ परंपराओं के प्रति विद्रोह की स्पष्ट झलक मिलती है।