aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
| Author: | Shaista Yusuf |
| Language: | Urdu |
| Publisher: | Rekhta Publications |
| Year: | 2025 (1st Edition) |
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रेख्ता पब्लिकेशन से प्रकाशित यह किताब "सदियों का रक़्स: शाइस्ता यूसुफ" उनका पहला नावेल है, जो पाठक को एक जादुई और प्राचीन दुनिया से एक डिजिटल दुनिया की यात्रा कराता है। इस नावेल में आध्यात्मिकता, भौतिकता, राजनीति, नैतिकता, अर्थव्यवस्था और मीडिया के व्यवहार की झलक साफ दिखाई देती है। यह नावेल इस दृष्टि से भी पढ़ने योग्य है कि व्यक्ति और समाज के बीच संघर्ष, विरोधाभास और सामंजस्य के सभी पहलू इसमें समाए हैं, जो मनुष्य के जीवन पर प्रत्यक्ष रूप से प्रभाव डालते हैं। शाइस्ता यूसुफ की यह किताब नावेल के पाठकों के लिए एक बेहतरीन उपहार है।