आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ",EjRa"
अत्यधिक संबंधित परिणाम ",ejra"
ग़ज़ल
ग़ैर-मुमकिन है बदल जाए कभी क़ानून-ए-हक़
हुक्म-ए-यज़्दाँ अब भी है इजरा-ए-फ़रमाँ अब भी है
बशीरुद्दीन अहमद देहलवी
पृष्ठ के संबंधित परिणाम ",ejra"
विषय
आसरा
आसरा शायरी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम ",ejra"
ग़ज़ल
बे दिए मुमकिन नहीं दुनिया में हो इजरा-ए-कार
आमिलों से इस्म-ए-आज़म भी है दावत माँगता
इमदाद अली बहर
ग़ज़ल
मैं ने तिरे फ़िराक़ में लिक्खे थे जो ख़ुतूत
उन में से एक ख़त का भी इजरा न हो सका
अली असर बांदवी
नज़्म
रस्म-ए-इजरा
तिरे क़दम से जो पुर-नूर हो गई महफ़िल
सभी ने सोचा की धरती पे चाँद उतरा है
ख़ालिद आज़मी
ग़ज़ल
ग़ैर मुमकिन है तिरा अग़्यार से इजरा-ए-कार
हाजत-ए-दिल 'बर्क़' कर चल कर तू पेश-ए-यार शरह
श्याम सुंदर लाल बर्क़
नज़्म
शिकवा
हौसले वो न रहे हम न रहे दिल न रहा
घर ये उजड़ा है कि तू रौनक़-ए-महफ़िल न रहा
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
जवाब-ए-शिकवा
जा के होते हैं मसाजिद में सफ़-आरा तो ग़रीब
ज़हमत-ए-रोज़ा जो करते हैं गवारा तो ग़रीब
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
आगे उस मुतकब्बिर के हम ख़ुदा ख़ुदा किया करते हैं
कब मौजूद ख़ुदा को वो मग़रूर-ए-ख़ुद-आरा जाने है
मीर तक़ी मीर
नज़्म
आवारा
जी में आता है कि अब अहद-ए-वफ़ा भी तोड़ दूँ
उन को पा सकता हूँ मैं ये आसरा भी तोड़ दूँ
असरार-उल-हक़ मजाज़
ग़ज़ल
आह ये मजमा-ए-अहबाब ये बज़्म-ए-ख़ामोश
आज महफ़िल में 'फ़िराक़'-ए-सुख़न-आरा भी नहीं
फ़िराक़ गोरखपुरी
नज़्म
दरख़्त-ए-ज़र्द
बिदह यारा अज़ाँ बादा कि दहक़ाँ पर्वर्द आँ-रा
ब सोज़द हर मता-ए-इनतिमाए दूदमानां रा
जौन एलिया
नज़्म
मिरे हमदम मिरे दोस्त!
गर मिरा हर्फ़-ए-तसल्ली वो दवा हो जिस से
जी उठे फिर तिरा उजड़ा हुआ बे-नूर दिमाग़
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
शेर
ज़िंदगी क्या है अनासिर में ज़ुहूर-ए-तरतीब
मौत क्या है इन्हीं अज्ज़ा का परेशाँ होना













